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 वस्तु एवम् सेवा कर (GST) क्या है?

·  यह वस्तुओं और सेवाओं के उपभोग पर लगाया गया गंतव्य आधारित (Destination Based) कर है। यह उत्पादन से अंतिम उपभोग तक हर step पर पिछले steps में किये गये कर भुगतान का क्रेडिट देकर या Set-Off करके लगाया जायेगा। संक्षेप में, केवल मूल्य संवर्धन (Value Addition) पर ही कर लगाया जाएगा और कर का बोझ अंतिम उपभोक्ता द्वारा वहन किया जाएगा ।

संविधान संशोधन अधिनियम (CAA) की मुख्य विशेषताएं

· एक्ट के Article 246A के अनुसार केंद्र तथा राज्यों का Tax Levy & Collection अर्थात कर लगाने व एकत्र करने एक समान (Concurrent) अधिकार ।

· एक्ट राज्यसभा से 03.08.2016 तथा लोकसभा से 08.08.2016 को पास हुआ ।

· संविधान (101 वां संशोधन) अधिनियम, 2016 के रूप में 08.09.2016 को नोटिफाई हुआ ।

· Article 269A के अनुसार केंद्र को अंतर-राज्यीय (Inter-state) व्यापार तथा आयात (Imports) में वस्तुओं व सेवाओं की सप्लाई पर IGST लगाने व एकत्र करने का अधिकार ।

· राज्यों को 5 वर्ष तक राजस्व नुकसान(Revenue loss) की केंद्र द्वारा भरपाई – Clause 19.

Goods and Service Tax (GST) Council (वस्तु एवं सेवा कर परिषद्)

· राष्ट्रपति द्वारा एक्ट के लागू होने के 60 दिन के अन्दर गठित

· Members - केंद्रीय वित्त मंत्री Union Finance Minister, केंद्रीय राज्य मंत्री(राजस्व) Union MOS(Rev) तथा सभी राज्यों के वित्त मंत्री Finance Ministers of all the states.

· Chairman – केंद्रीय वित्त मंत्री (श्री अरुण जेटली)

· Vice Chairman – राज्यों के वित्त मंत्रियों में से एक (वर्तमान में श्री अमित मित्रा – पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री)

 

Registration (पंजीकरण)

1. PAN based Registration (पैन आधारित पंजीकरण)

2. हर राज्य के लिए, जहाँ से टैक्सेबल सप्लाई की जा रही है, अलग से रजिस्ट्रेशन नंबर लेना होना

3. एक व्यक्ति के एक ही राज्य में अनेक business vertical होने पर वह हर business vertical के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन नंबर ले सकता है

4. केंद्रीय तथा राज्य प्राधिकरणों द्वारा एक ही कॉमन इ-एप्लीकेशन पर पंजीकरण

5. तीन सामान्य कार्य दिवसों के बाद, किसी की आपत्ति न होने पर, पंजीकरण हुआ समझा जायेगा

6. कुछ कोर फ़ील्ड्स को छोड़कर खुद संशोधन करने की सुविधा

7. पंजीकरण का आत्मसमर्पण करने तथा टैक्स अधिकारियों द्वारा स्वत: निरस्त करने का प्रावधान

8. Liability to be registered (पंजीकरण की बाध्यता):

a. हर व्यक्ति जो पहले से किसी कानून के तहत पंजीकृत है या कोई लाइसेंस धारक है

b. हर व्यक्ति जिसका एक वर्ष का कारोबार या टर्नओवर निर्धारित सीमा से अधिक है.

c.  एक व्यक्ति, बाध्य न होने पर भी, स्वैच्छिक पंजीकरण करवा सकता है

d. कुछ सप्लायरों के लिए सीमा से कम कारोबार होने पर भी पंजीकरण करवाना अनियार्य.

- Inter State(अंतर-राज्यीय) : वह व्यक्ति जो अंतर-राज्यीय करयोग्य सप्लाई करता है

- Casual(आकस्मिक): आकस्मिक करयोग्य व्यक्ति |

- Reverse Charge : वह व्यक्ति जिन्हें रिवर्स चार्ज के अंतर्गत टैक्स देना है

- Non-Resident (अप्रवासी ) करयोग्य व्यक्ति

- TDS : व्यक्ति जिन्हें सेक्शन 37 के अंतर्गत टैक्स काटना है

- वह व्यक्ति जो किसी भी करयोग्य व्यक्ति की तरफ से, चाहे एजेंट बनकर या वैसे, माल या सेवाएं सप्लाई करते हैं

- इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर

- व्यक्ति जो इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स के द्वारा ब्रांडेड सेवाओं को छोड़कर माल या सेवाएं देते हैं

- हर इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स ऑपरेटर

- हर एग्रीगेटर जो अपने ब्रांड या ट्रेड नाम के तहत सेवाएं प्रदान करते हैं

- हर वह व्यक्ति या समूह जो कौंसिल की सिफारिश पर केंद्रीय या राज्य सरकार द्वारा नोटिफाई किया जाता है

 

Input tax Credit (ITC) के नियम

1. ITC will be available in respect of tax paid on any supply of goods or services used or intended to be used in the course or furtherance of business i.e. for business purposes. (सिर्फ बिज़नस पर्पस के लिए उपयोग हुए माल और सेवाओं पर दिए गए कर का क्रेडिट मिलेगा) ।

2. Negative list approach for non-allowance of ITC.

3. Taxable supplies बनाने में इस्तेमाल हुए माल व सेवाओं पर दिए गए कर का क्रेडिट (ITC) नीचे दी गयी चार शर्तों को पूरा करने पर ही मिलेगा

a. possession of invoice (Invoice का कब्जे में होना)  receipt of goods or services (माल या सेवाओं का प्राप्त होना)

b. tax actually paid by supplier to government (सप्लायर द्वारा सरकार के खाते में कर का वास्तव में जमा होना)

c.  furnishing of return (रिटर्न का जमा तथा मैच होना)

4. कैपिटल गुड्स पर पूरा ITC एक साथ allowed.

5. Inputs, input services और capital goods (पूंजीगत वस्तुओं) का कुछ हिस्सा बिज़नस में और कुछ गैर-बिज़नस पर्पस में इस्तेमाल होने पर उसी अनुपात में क्रेडिट allowed होगा

6. इसी तरह समानुपात में क्रेडिट allow होगा यदि inputs, input services और capital goods का उपयोग करयोग्य, शून्य दर वाले तथा छूट-प्राप्त(गैर-करयोग्य मिलाकर) आपूर्ति के लिए होगा

7. अगले वित्तीय वर्ष के सितम्बर महीने की रिटर्न फाइल होने या वार्षिक रिटर्न फाइल होने के बाद ITC नहीं लिया जा सकेगा.

8. ITC provisional basis यानि अस्थायी आधार पे तब तक ही उपलब्ध होगा जब तक पूरा टैक्स जमा हो जाए, सप्लायर द्वारा वैध रिटर्न फाइल हो जाए तथा सप्लायर और रिसीवर की इनवॉइस डिटेल मैच हो जाए

9. पूरी जानकारी मैच करने के बाद ही ITC कन्फर्म होगा नहीं तो ITC रिवर्स हो जायेगा

10. Input Service Distributor mechanism for distribution of ITC of input services

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